Shankarbhai Gohil  chia sẻ một  bưu kiện
4 yrs

अब बिलकुल भी खाली मत बैठो, जाओ शिक्षा प्राप्त करो! सचमुच जहाँ आज भी हम लैंगिक समानता (gender equality) के लिए संघर्ष कर रहे हैं वहीं अंग्रेजों के जमाने में सावित्रीबाई फुले ने एक दलित महिला होते हुए हिन्दू समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ जो संघर्ष किया वह अभूतपूर्व और बेहद प्रेरणादायक है.

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